अनुसंधान

विज्ञान जो हमारे अपने खेतों से शुरू होता है

सिपानी कृषि अनुसंधान फार्म, मंदसौर, वह स्थान है जहां हम नई किस्में विकसित करते हैं और हर उत्पाद को किसानों तक पहुंचने से पहले परखते हैं।

एक कार्यरत फार्म और अनुसंधान सहयोगी

हमने 1991–92 में एसकेएएफ की स्थापना की। 2008 में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के साथ हमारा दीर्घकालीन अनुबंध हुआ, जो किसी निजी संस्था के साथ संस्थान का पहला अनुबंध था, और 5 मार्च 2018 को डेयर के सचिव एवं आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र ने फार्म पर आईएआरआई–एसकेएएफ सहयोगी आउटस्टेशन अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किया।

यहां हम गेहूं, सोयाबीन, मक्का और अरहर की किस्मों का प्रजनन व संरक्षण करते हैं, और हर माइक्रो उत्पाद बाज़ार में आने से पहले असली फसलों पर परखा जाता है।

1,000+जर्मप्लाज्म लाइनें आईएआरआई को समर्पित
20 लाख हेक्टेयरआठ राज्यों में मोहन वंडर गेहूं की बुवाई
पेटेंटनैनो-कॉपर फॉर्मूलेशन, आईसीएआर के साथ संयुक्त
2018हमारे फार्म पर आईएआरआई अनुसंधान केंद्र

एसकेएएफ पर विकसित

हमारे अनुसंधान फार्म की किस्में

मंदसौर में विकसित व चयनित गेहूं, सोयाबीन, मक्का, सरसों और अरहर की किस्में। हमारी गेहूं किस्में पीपीवी एंड एफआरए में पंजीकृत हैं।

गेहूं

दाने की गुणवत्ता और गर्मी सहनशीलता के लिए विकसित शरबती व अधिक उपज वाली गेहूं किस्में।

  • Mohan Wonder
  • SKF-Waman
  • Sona Sharbati
  • Sipani-555 (SKAF-723)
  • SKF 2022

सोयाबीन

भरपूर फलियों और भरोसेमंद उपज के लिए चयनित सोयाबीन।

  • SKF Kuber
  • SKF Chamatkar
  • SKF Chaturbhuj
  • SKF-1050

मक्का

संकर मक्का, जिसमें भारत के कृषि आयुक्त द्वारा हमारे खेतों में मूल्यांकित कॉर्न स्टार-2001 शामिल है।

  • SKF Corn Star-2001
  • SKF-MH-1
  • SKF-252

सरसों

रबी मौसम के लिए फार्म पर उगाई व चयनित सरसों।

  • Super Gold
  • Pratap-101

अरहर

110–130 दिन में पकने वाली अति-शीघ्र अरहर, अरहर–गेहूं फसल चक्र के लिए।

  • SKF A1-Shivana
  • Shipra
  • Changli

मुख्य उपलब्धियां

हमारे अनुसंधान की देन

आईएआरआई–एसकेएएफ अनुसंधान केंद्रआईसीएआर द्वारा स्वीकृत, 2018 से हमारे फार्म पर आईएआरआई का सहयोगी आउटस्टेशन अनुसंधान केंद्र।
मोहन वंडर गेहूंआठ राज्यों में लगभग 20 लाख हेक्टेयर में बोया गया शरबती गेहूं; एनएएएस रजत जयंती पुरस्कार 2015।
जीवाणु झुलसा के विरुद्ध नैनो-कॉपरआईसीएआर के साथ संयुक्त भारतीय पेटेंट क्र. 294416, अनार, धान और सेम के लिए।
फसल विविधता का संरक्षणअरहर, मक्का, सोयाबीन और गेहूं की 1,000 से अधिक जर्मप्लाज्म लाइनें आईएआरआई को समर्पित।
मक्का और अरहर प्रजननमक्का संकर किस्में, कम अवधि की अरहर ‘शिवाना’ और आईएआरआई की पीएडीटी 16 में साझेदारी।
दुनिया से सीखइक्रीसैट और इलिनॉय विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान प्रयोगशाला के साथ कार्य, तथा अलाबामा ए एंड एम और टेक्सास ए एंड एम का भ्रमण।

तकनीक या फॉर्मूलेशन के लिए साझेदार चाहिए? कंपनियों के साथ काम

आगंतुक पुस्तिका से

उन्हीं के शब्दों में

मैं श्री सिपानी द्वारा गेहूं, मक्का, सोयाबीन तथा अरहर पर किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों से अत्यंत प्रभावित हूं। गुणवत्ता सुधार, शीघ्र पकने वाली तथा ऊष्मा-सहनशील किस्मों के विकास के लिए किए गए प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रासंगिक हैं।
डॉ. आर.एस. परोदापूर्व महानिदेशक, आईसीएआर एवं सचिव, डेयर21 मार्च 2017
यहां गेहूं में आनुवंशिक विविधता के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखकर मैं अत्यंत प्रभावित हुआ। उन्होंने अनेक वर्षों के अथक परिश्रम, समर्पण एवं समृद्ध अनुभव के माध्यम से किसानों के हित में उत्कृष्ट कार्य किया है, जिसका लाभ कृषि समुदाय को प्राप्त हो रहा है।
डॉ. त्रिलोचन महापात्रमहानिदेशक, आईसीएआर एवं सचिव, डेयर5 मार्च 2018
श्री सिपानी जी की कार्यनिष्ठा, समर्पण एवं अनुसंधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अनुकरणीय है तथा अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। एसकेएएफ द्वारा विकसित उन्नत फसल किस्में वर्तमान एवं भविष्य में मानवता की सेवा करने में सक्षम होंगी।
श्री भागीरथ चौधरीकेंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री14 मार्च 2026

जिन संस्थानों के साथ हमने काम किया

  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर)
  • भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली
  • राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (एनएएएस)
  • पीपीवी एंड एफआरए, कृषि मंत्रालय
  • राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला, पुणे
  • इक्रीसैट
  • इलिनॉय विश्वविद्यालय
डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव डेयर एवं महानिदेशक आईसीएआर द्वारा आईएआरआई–एसकेएएफ सहयोगी आउटस्टेशन अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन, 5 मार्च 2018
डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव डेयर एवं महानिदेशक आईसीएआर द्वारा आईएआरआई–एसकेएएफ सहयोगी आउटस्टेशन अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन, 5 मार्च 2018
भारत के कृषि आयुक्त डॉ. सी.आर. हाजरा, डॉ. के.बी. निगम, एन.एस. सिपानी और गणेशराम पाटीदार के साथ एसकेएफ कॉर्न स्टार-2001 का मूल्यांकन करते हुए
भारत के कृषि आयुक्त डॉ. सी.आर. हाजरा, डॉ. के.बी. निगम, एन.एस. सिपानी और गणेशराम पाटीदार के साथ एसकेएफ कॉर्न स्टार-2001 का मूल्यांकन करते हुए
राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान केंद्र, इलिनॉय विश्वविद्यालय में
राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान केंद्र, इलिनॉय विश्वविद्यालय में