हमारे बारे में

1969 से, भारत के किसानों के लिए

एक कृषि वैज्ञानिक द्वारा स्थापित मंदसौर की कंपनी, जो आज भी उसी वचन पर चलती है: किसानों की समृद्धि ही हमारा उद्देश्य है।

हमारी कहानी

एक संकल्प से किसानों के भरोसे तक

1964 में कृषि विज्ञान का अध्ययन करते हुए और राजस्थान सरकार में सेवा देते हुए श्री नरेन्द्र सिंह सिपानी ने संकल्प लिया कि आधुनिक कृषि ज्ञान, पौध पोषण और फसल सुरक्षा को वे उन किसानों तक पहुंचाएंगे जिनसे वे रोज़ मिलते थे।

1969 में श्री शांतिलाल जैन और श्री महेश शर्मा के सहयोग से उन्होंने मंदसौर में माइक्रो केमिकल्स (इंडिया) की स्थापना की। “माइक्रोन” नाम से सूक्ष्म पोषक तत्व प्रस्तुत करने वाली यह भारत की पहली कंपनी बनी, और राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला, पुणे के साथ मिलकर इसने भारत में पहली बार नैफ्थलीन एसिटिक एसिड (एनएए) बनाया, जो फूल और छोटे फलों को झड़ने से रोकता है।

देश-विदेश की अग्रणी कंपनियों ने हमारे साथ काम किया। 1988 में सीबा-गायगी ने सीबा वेटेबल सल्फर के लिए हमारे साथ तकनीकी सहयोग किया, और रोन-पूलेंक, घरडा केमिकल्स व इंडोफिल जैसे साझेदारों ने हमारे नेटवर्क के माध्यम से अपनी तकनीकें किसानों तक पहुंचाईं। इस कार्य को दूरदर्शन और धर्मयुग में भी सराहा गया।

1991–92 में हमने सिपानी कृषि अनुसंधान फार्म (एसकेएएफ) की स्थापना की, जहां नई किस्मों और उत्पादों को किसानों तक पहुंचने से पहले असली खेत की परिस्थितियों में परखा जाता है। 2019 में हमने स्वर्ण जयंती मनाई, और इस यात्रा में पचास से अधिक उत्पाद विकसित किए।

प्रमुख पड़ाव

पचास वर्ष, एक-एक पड़ाव

  1. 1964संकल्पएक युवा कृषि वैज्ञानिक ने आधुनिक कृषि विज्ञान को किसानों तक ले जाने का संकल्प लिया।
  2. 1969माइक्रो केमिकल्स (इंडिया) की स्थापनामंदसौर में स्थापना; “माइक्रोन” सूक्ष्म पोषक तत्व लाने वाली भारत की पहली कंपनी।
  3. 1984माइक्रो ऑर्गेनिक्स (इंडिया)सल्फर और जैविक मृदा उत्पादों पर केंद्रित हमारी सहयोगी कंपनी की शुरुआत।
  4. 1988सीबा-गायगी के साथ सहयोगसीबा वेटेबल सल्फर के लिए तकनीकी सहयोग।
  5. 1991सिपानी कृषि अनुसंधान फार्ममंदसौर में हमारे अपने अनुसंधान फार्म की शुरुआत (1991–92)।
  6. 1995राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कारइंटरनेशनल काउंसिल फॉर बिज़नेस प्रमोशन, दिल्ली द्वारा।
  7. 2008आईएआरआई के साथ साझेदारीदीर्घकालीन अनुबंध, किसी निजी संस्था के साथ संस्थान का पहला।
  8. 2012आईएआरआई फेलो पुरस्कारपूसा कृषि विज्ञान मेला, नई दिल्ली में हमारे संस्थापक को प्रदान।
  9. 2013पौधा जीनोम संरक्षक और चैंपियन फार्मरकृषि मंत्रालय एवं पीपीवी एंड एफआरए द्वारा पौधा जीनोम संरक्षक पुरस्कार, और आईएआरआई का चैंपियन फार्मर ऑफ इंडिया पुरस्कार।
  10. 2015एनएएएस रजत जयंती पुरस्कारमोहन वंडर शरबती गेहूं के लिए, जिसकी बुवाई लगभग 20 लाख हेक्टेयर में हुई।
  11. 2018आईएआरआई अनुसंधान केंद्र और संयुक्त पेटेंटएसकेएएफ पर सहयोगी आउटस्टेशन अनुसंधान केंद्र की शुरुआत; नैनो-कॉपर फॉर्मूलेशन के लिए आईसीएआर के साथ पेटेंट।
  12. 2019स्वर्ण जयंतीभारत के किसानों के लिए पचास वर्ष और पचास से अधिक उत्पाद।
Narendra Singh Sipani

हमारे संस्थापक

श्री नरेन्द्र सिंह सिपानी

संस्थापक · आईएआरआई फेलो · “किसान प्रोफेसर”

16 अक्टूबर 1939 को जावद, नीमच में जन्मे श्री सिपानी ने राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर से कृषि की शिक्षा ली और राष्ट्रीय बीज निगम व रॉकफेलर फाउंडेशन के अंतर्गत बीज उत्पादन एवं प्रसंस्करण का प्रशिक्षण प्राप्त किया। किसान और वैज्ञानिक, दोनों उन्हें “किसान प्रोफेसर” के नाम से जानते हैं।

  • आईएआरआई को अरहर, मक्का, सोयाबीन और गेहूं की 1,000 से अधिक जर्मप्लाज्म लाइनें समर्पित कीं
  • आईएआरआई की अति-शीघ्र पकने वाली अरहर किस्म पीएडीटी 16 में प्रजनन सहभागी
  • कम अवधि की अरहर किस्म ‘शिवाना’ के लिए राष्ट्रीय मेवाड़ पुरस्कार और नर्मदा पुत्र अलंकरण से सम्मानित
  • इक्रीसैट और राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान प्रयोगशाला, इलिनॉय विश्वविद्यालय के साथ कार्य किया
आप समस्या बताइए, समाधान हम देंगे।किसानों से हमारा वादा

नेतृत्व

संस्थापक के कार्य को आगे बढ़ाते हुए

हिमांशु सिपानी

हिमांशु सिपानी

डायरेक्टर, सप्लाई चेन

माइक्रो ऑर्गेनिक्स (इंडिया) में पार्टनर और सिपानी कृषि अनुसंधान फार्म के मैनेजिंग डायरेक्टर, जहां आईएआरआई सहयोगी आउटस्टेशन अनुसंधान केंद्र, मंदसौर स्थित है।

बी.ई., बी.आई.टी. बैंगलोर

नवीन जैन

नवीन जैन

पार्टनर · हेड, मार्केटिंग

माइक्रो केमिकल्स (इंडिया) में मार्केटिंग प्रबंधन और प्रोजेक्ट क्रियान्वयन का नेतृत्व।

एम.कॉम

हमारी कंपनियां

दो नाम, एक परिवार

माइक्रो केमिकल्स (इंडिया)स्थापना 1969। आईएसओ 9001 प्रमाणित। सूक्ष्म पोषक तत्व, वृद्धि नियामक, बीज उपचार और फसल देखभाल।

माइक्रो ऑर्गेनिक्स (इंडिया)स्थापना 1984–85। सल्फर फफूंदनाशक, ह्यूमिक व जैविक मृदा उत्पाद और जैव उत्तेजक।

कंपनियों के लिए

हम अन्य कंपनियों के साथ भी काम करते हैं

पचास वर्षों का हमारा फॉर्मूलेशन और खेत-अनुसंधान अनुभव अन्य कंपनियों के लिए भी उपलब्ध है।

  • तकनीक हस्तांतरणपरखे हुए उत्पाद और प्रक्रियाएं, सहयोग सहित लाइसेंस पर।
  • थोक आपूर्तिआपके व्यवसाय के लिए हमारे उत्पाद थोक मात्रा में।
  • कस्टम फॉर्मूलेशनहमारी फॉर्मूलेशन टीम द्वारा आपकी ज़रूरत के अनुसार विकसित।
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सम्मान

पुरस्कार और सम्मान

हरित क्रांति के जनक डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन हमारे संस्थापक को एनएएएस रजत जयंती पुरस्कार प्रदान करते हुए, 2015

एनएएएस रजत जयंती पुरस्कार, 2015

हरित क्रांति के जनक के हाथों सम्मान

डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन ने हमारे संस्थापक को राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी का रजत जयंती पुरस्कार मोहन वंडर के लिए प्रदान किया, एक शरबती गेहूं जिसकी बुवाई आठ राज्यों में लगभग 20 लाख हेक्टेयर में हुई।

1995राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कारइंटरनेशनल काउंसिल फॉर बिज़नेस प्रमोशन, दिल्ली
2002मैग्नम पुरस्कार: ‘नर्मदा पुत्र’कम अवधि की अरहर किस्म के लिए मध्य प्रदेश के राज्यपाल द्वारा प्रदान
2012आईएआरआई फेलो पुरस्कारभारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा कृषि विज्ञान मेला
2013पौधा जीनोम संरक्षक पुरस्कारकृषि मंत्रालय एवं पीपीवी एंड एफआरए
2013चैंपियन फार्मर ऑफ इंडियाभारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली
2015एनएएएस रजत जयंती पुरस्कारराष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी, मोहन वंडर गेहूं के लिए
2018भारतीय पेटेंट क्र. 294416आईसीएआर के साथ, जीवाणु झुलसा रोग के विरुद्ध नैनो-कॉपर फॉर्मूलेशन
2018शीर्ष 5000 लघु उद्योगभारत के शीर्ष लघु उद्योगों में शामिल
स्वर्ण जयंती का केक काटते हुए
स्वर्ण जयंती का केक काटते हुए
पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, कृषि मंत्रालय द्वारा पौधा जीनोम संरक्षक पुरस्कार
पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, कृषि मंत्रालय द्वारा पौधा जीनोम संरक्षक पुरस्कार
स्वर्ण जयंती पर माइक्रो परिवार
स्वर्ण जयंती पर माइक्रो परिवार